चुनाव तैयारियां – भाजपा -कांग्रेस में बूथ तक पहुँचने की कवायद तेज

भोपाल//दस माह बाद मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपनी जीत को पक्का करने के लिए चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है .तैयारियों में दोनों ही दल एक दूसरे का अनुसरण और रणनीति की काट ढूंढते नजर आ रहे हैं. विशेष बात यह है कि दोनों ही दल इस बार बूथ स्तर तक एप्रोच कर रहे हैं और इसके लिए कोई कसर छोड़ते भी नजर नहीं आ रहे हैं .भाजपा डिजिटल बूथ की बात कर रही है तो कांग्रेसी उसका मुकाबला इंटरनेट मीडिया टीम और बूथ वार जानकारी जुटाने की तैयारी में है

भाजपा ने शुरु किया स्मार्ट बूथ योजना पर काम

भाजपा ने स्मार्ट बूथ पर योजना पर काम शुरू किया है। इसके अनुसार अब बूथ स्तर के कार्यकर्ता को भी नहीं पहचान मिल सकेगी पार्टी प्रदेश के 65 हजार बूथ अध्यक्ष, महामंत्री और बूथ एजेंट को पार्टी संगठन में विशेष तवज्जो देने जा रही है।

  बीजेपी चुनाव आभियान को पूरी तरह से तकनीकी बनाती एलजी रही है। पार्टी हर बूथ को डिजिटल बनाकर नेतृत्व करने वाले अध्यक्ष महामंत्री और एजेंट सहित पन्ना प्रमुखों को अलग विशेष कोड यानी पहचान दी जाएगी, इससे विशेष लाभ यह होगा कि कोड के जरिए ये पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी सीधा संपर्क कर सकेंगे। पार्टी मानती है कि इससे संगठन में नए नेतृत्व को उभरने का अवसर मिल सकेगा, वहीं चुनावों में बूथ स्तर पर मजबूती से जीत आसान होगी। मध्यप्रदेश में संगठन ने बूथ स्तर पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का डिजिटल डेटा तैयार कर लिया है ।

पन्ना की जगह होंगे डिजिटल पेज

 पिछ्ले कुछ चुनावों से मतदाता तक पहुंच बनाने के लिए बी जे पी पन्ना प्रमुख की रणनीति पर चल रही है अब यह पन्ना डिजिटल पेज में बदल जाएगा। बूथ समिति के सदस्यों से डिजिटल बूथ की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी भी ली जा रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद का प्रशिक्षण भी उन्हें दिया गया है।

 बूथ कार्यकर्ताओं को अहमियत बढ़ेगी।

भाजपा पिछले कुछ वर्षों से वृहद स्तर पर सदस्यता अभियान के बाद खुद को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बताती है इसका श्रेय किसी बड़े चेहरे या पदाधिकारी के बजाय लाखों कार्यकर्ताओं को दिया जाता है ,लेकिन उन्हें अलग से पहचान की कमी महसूस होती रही है।

 स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे

 बूथ के तीन बीएलए जिन्हें संगठन में त्रिदेव की संज्ञा दी गई है उन्हें स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे ।इस पर यूनिक नंबर के साथ पूरा परिचय होगा। पन्ना प्रमुख को भी विशिष्ट पहचान पत्र मिलेगा पार्टी ने बूथ विस्तारक योजना के तहत बूत समिति का अंकन रजिस्टर और संगठन एप में किया है। इसमें बूथ समिति बूथ अध्यक्ष बूथ महामंत्री और सहित पूरी समिति और पन्ना प्रमुख समिति के साथ मतदाताओं के नाम भी दर्ज है।

यह योजना सिर्फ प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में लागू करने जा रही है।

कांग्रेस इंटरनेट मीडिया टीम तैयार करेगी

भाजपा की इस रणनीति  को टक्कर देने के लिए कांग्रेसी भी इंटरनेट मीडिया इंटरनेट मीडिया की टीम तैयार कर रही है, इसमें कांग्रेस का सबसे ज्यादा जोर भाजपा के दावों का जवाब देने को लेकर रहेगा। राहुल गांधी की मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी कांग्रेस ने यही रणनीति अपनाई थी ।यात्रा के दौरान भाजपा नेताओं की तरफ से जो भी बयान आए थे कांग्रेस ने उसका तुरंत प्रत्युत्तर दिया था यही रणनीति विधानसभा चुनाव में रहेगी। चुनाव के दौरान दोनों ही बड़े दलों के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के भी दौरे होंगे , इस दौरान भाजपा नेताओं द्वारा कोई भी आरोप लगाया जाता है तो इंटरनेट मीडिया टीम पूरे तथ्यों के साथ अपना पक्ष इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करेगी इस टीम पर पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं के भाषण को भी इंटरनेट मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी रहेगी प्रदेशभर के लिए यह दायित्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से अभय तिवारी को दिया गया है मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि हम इंटरनेट मीडिया की टीम तैयार कर रहे हैं वार्ड और बूथ स्तर तक टीम बनाने का काम चल रहा है

95% मतदाता इंटरनेट पर 

पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र 25% लोग ही इंटरनेट मीडिया पर थे पर अब 95% लोग इसका उपयोग कर रहे हैं ऐसे में 2023 के चुनाव में इंटरनेट मीडिया को ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की जरूरत है उनके कहने पर पार्टी के नेता इंटरनेट मीडिया में अपने फॉलोअर्स बढ़ाने में भी लगे हैं।

जातीय समीकरण साधने बूथवार जानकारी जुटाएगी कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस ने सभी वर्गों में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए नए प्रकोष्ठ बनाने के साथ ही मतदान केंद्र पर जातीय समीकरण साधने की कार्य योजना बनाई है  कई बड़े नेताओ और प्रकोष्ठों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है ।  मतदान केंद्र वार जानकारी जुटाई जा रही है इसमें केंद्र पर कुल मतदाता, जातिगत समीकरण ,प्रभावशाली व्यक्ति, पिछले चुनाव परिणाम आदि की जानकारी रहेगी। इसके आधार पर पार्टी मत का मतदान केंद्र स्तर पर संचालित की जाने वाली गतिविधियां निर्धारित करेगी। प्रभावशाली व्यक्तियों से प्रदेश स्तर के पदाधिकारी सम्पर्क स्थापित करेंगें। विभिन्न समाजों के अलग-अलग सम्मेलन किए जाएंगे पार्टी के महामंत्री जेपी धनोपिया का कहना है कि नए प्रकोष्ठ का गठन करके विभिन्न समाजों को महत्व देने का काम किया जा रहा है चुनाव के दृष्टिगत सभी स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं पूरे प्रदेश संभाग और जिला स्तर पर बैठक और सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे इसका दायित्व अनुसूचित जाति और जनजाति विभाग को दिया गया है ।पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को सामाजिक संगठनों से तालमेल बनाने की जिम्मेदारी भी दी गई है।

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