अब कांग्रेस की नज़र भाजपा के असंतुष्टों पर ?

पार्टी में शामिल कराने का होगा प्रयास

भोपाल//इन दिनों प्रदेशमें भाजपा के आंतरिक सर्वे और फीडबैक की काफी चर्चा है बताया जाता है कि इस पूरी कवायद में भाजपा के कार्यकर्ताओं के असंतुष्ट होने की बात सबसे मुखर होकर सामने आई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अपनी उपेक्षा से काफी नाराज हैं। एक और भाजपा इन असंतुष्ट नेताओं कार्यकर्ताओं से बात कर और उनकी मान मनौव्वल कर डैमेज कंट्रोल में जुटी हुई है। वरिष्ठ नेता अलग-अलग जिलों में ऐसे कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठकें और अलग-अलग चर्चा भी कर रहे हैं। वही कांग्रेस की नजर इन असंतुष्ट नेताओं पर है । कांग्रेस इसे  एक अवसर के रूप में देख रही है ।क्योंकि कांग्रेस इस चुनाव के लिए हर वो प्रयास करती नज़र आ रही है जो उसकी जीत की संभावनाओं को मजबूत करता हो।

खबर है कि कांग्रेस ने पार्टी के 16 वरिष्ठ नेताओं को भाजपा के इसी तरह के असंतुष्ट नेताओं से संपर्क करने की क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी है।  कांग्रेस ने यह भी तय किया है कि भाजपा के जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं का जनाधार मजबूत है उन्हें बडे़ आयोजन कर कांग्रेस में शामिल करने का प्रयास किया जाए।

कांग्रेस ने चुनाव अभियान की जो कार्ययोजना बनाई है उसमें भाजपा के असंतुष्ट नेताओं से संपर्क करना भी शामिल है । प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ सहित अन्य नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि भाजपा के कई नेता उनके संपर्क में है और जिन्हें समय आने पर पार्टी में शामिल किया जाएगा।

पिछले माह निमाड़ क्षेत्र में असर रखने वाले भाजपा के पूर्व सांसद माखन सिंह सोलंकी को पूर्व मंत्री दिग्विजय सिंह और मुंगावली के पूर्व विधायक राव देशराज सिंह यादव के पुत्र यादवेंद्र यादव को कमलनाथ की उपस्थिति में कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई थी विंध्य क्षेत्र में प्रभाव रखने वाली बसा पार्क से पूर्व विधायक शीला त्यागी भी कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। वही नर्मदापुरम ( होशंगाबाद) जिले  में भाजपा के एक पूर्व विधायक के कांग्रेस में शामिल होने की भी जोर शोर से चर्चा है।

लाल पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी कांतिलाल भूरिया अरुण यादव, अजय सिंह  , नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, नटराजन मीनाक्षी नटराजन बाला बच्चन सज्जन सिंह वर्मा जीतू पटवारी तरुण भनोट कमलेश्वर पटेल जयवर्धन सिंह लाखन सिंह यादव रामनिवास रावत फूल सिंह बरैया और केपी सिंह को जिम्मेदारी दी गई है कि वह आवंटित जिलों में भाजपा के असंतुष्ट नेताओं से संपर्क करें।

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