राशन माफियाओं के कारण  नहीं की जा रही है राशन दुकानों की गड़बड़ियों की जॉच- केलू उपाध्याय

इटारसी/ नर्मदापुरम//  कांग्रेस कमेटी के  प्रदेश प्रवक्ता व  नर्मदापुरम जिला के मीडिया प्रभारी  राजकुमार केलू उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि इटारसी अनुविभाग की समस्त शासकीय उचित मूल्य प्राथमिक राशन उपभोक्ता भंडारों में वितरण अनाज की जांच राजनैतिक संरक्षण प्राप्त राशन माफियाओं के कारण  नहीं की जा रही है, और न ही जॉच की जानकारी दी जा रही है।

 श्री उपाध्याय ने  एक बयान जारी कर कहा कि उनके द्वारा अनुविभागीय अधिकारी को तीन पत्र 8 जून 2020, 4 मार्च 2022 व 4 अप्रैल 2023 को इटारसी अनुविभाग की समस्त शासकीय उचित मूल्य प्राथमिक राशन उपभोक्ता भंडारों में वितरण अनाज की जांच के लिए दिए गए है लेकिन प्रशासन की जांच गति 34 माह में भी राजनैतिक संरक्षण प्राप्त राशन माफियाओं के कारण शून्यता की स्थिति में है ।

 केलू उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार , जिला प्रशासन,स्थानीय प्रशासन की उदासीनता का  नर्मदापुरम जिले से बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता।

 उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा 32 माह में तीन पत्र दिए गए इन पत्रों में इटारसी अनुविभाग के अंतर्गत समस्त शासकीय उचित मूल्य राशन दुकानों द्वारा वितरण खाद्यान्न की सूक्ष्मता के साथ भौतिक सत्यापन के माध्यम से जांच कर साथ ही लगभग 50 प्रतिशत राशन उपभोक्ताओ से कथन व खाद्यान्न वितरण की जानकारी लिए जाने की मांग की गई है तथा इसमें होने वाली अनियमितता पर कार्यवाही की भी मांग की थी।पत्र के माध्यम से कोविड-19 (कोरोना महामारी) के संकटकाल में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा वितरण किए गए खाद्यान्न की जांच 4 अप्रैल 2023 के दिए पत्र के पूर्व कितनी शासकीय राशन दुकानों की जांच इन बिंदुओं पर की गई इसकी जानकारी दिए जाने की मांग प्रमुखता से की है. लेकिन विगत 34 माह बाद भी इन पत्रों की जानकारी अभी तक नहीं मिली है ।

उनका कहना है कि इन मामलों में कई पात्र गरीब परिवार अपात्रों व पात्रता पर्चीयो की बंदरबांट में राशन पाने से वंचित रहे वहीं कई अपात्रों को पात्रता पर्ची वितरण में राशन मिल गया । अपात्र परिवार राशन ले रहे हैं वास्तविक गरीब पात्र परिवार भटक रहे हैं वही राशन दुकानों के वितरण व खुलने के दिन समय भी अधिकारियों की रहम,लापरवाही के कारण नियमित नहीं है ।प्रशासन इसकी  महीनों जांच नहीं करता है इससे राशन माफिया हावी है गरीब जनता परेशान है। उन्होंने बताया कि  पत्र की प्रति प्रदेश के खाद्य मंत्री,प्रमुख सचिव खाद्य विभाग व नर्मदापुरम जिलाधीश(कलेक्टर) को ट्विटर के माध्यम से भेजी गई है।

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